शिमला, भाजपा के लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार द्वारा डाक एवं लॉजिस्टिक्स सेवाओं में किए जा रहे व्यापक सुधारों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का डाक विभाग तेजी से आधुनिक, तकनीक-संचालित और ई-कॉमर्स समर्थ नेटवर्क में परिवर्तित हो रहा है, जिसका सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों को मिल रहा है।
सांसद कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मेल पार्सल ऑप्टिमाइजेशन प्रोजेक्ट (MPOP) के तहत डाक सेवाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे पार्सल डिलीवरी की गति और दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर 79 पार्सल हब विकसित किए गए हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश में भी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को मजबूत करने के लिए 4 पार्सल हब और 2 डिलीवरी सेंटर स्थापित किए गए हैं, जबकि निर्यात को बढ़ावा देने हेतु 18 डाक निर्यात केंद्र (DNK) कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 10 पार्सल पैकेजिंग इकाइयों और 6 निर्यात केंद्रों की स्थापना से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में बड़ी मदद मिली है।
सांसद कश्यप ने कहा कि डाक विभाग की पार्सल हैंडलिंग क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में 12.70 करोड़ की पार्सल हैंडलिंग बढ़कर 2024-25 में 14.57 करोड़ तक पहुंच गई है, जो इस क्षेत्र में तेज विकास को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि ई-कॉमर्स और ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए 24×7 पार्सल डिलीवरी सेवाएं, 48 घंटे में गारंटीड डिलीवरी, और अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल ट्रैक पैकेट सेवा भी शुरू की गई है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के छोटे व्यापारियों, किसानों और उद्यमियों के लिए यह पहल वरदान साबित हो रही है, क्योंकि अब उनके उत्पाद आसानी से देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य डाक विभाग को एकीकृत राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रूप में विकसित करना है, जिसके तहत बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग और नई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
अंत में सांसद कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संचार मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन पहलों से हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।


















