लोकेशन : धर्मशाला / रिपोटर : शशि भूषण :-धर्मशाला नगर निगम का रोस्टर जारी होते ही सियासी हलचल तेज हो गई है, जहां कांग्रेस नेता एवं पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने पार्टी के मजबूत प्रदर्शन का दावा करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों से नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा कायम है और इस बार भी मेयर व डिप्टी मेयर कांग्रेस के ही होंगे। वहीं, शहर में गर्ल्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव पर भी बहस तेज है, जिस पर जग्गी ने संतुलित रुख अपनाते हुए दोनों स्कूलों की अलग पहचान बनाए रखने की वकालत की।
वीओ: धर्मशाला नगर निगम का रोस्टर जारी होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने खुशी जाहिर करते हुए पार्टी के मजबूत प्रदर्शन का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा कायम है और आने वाले समय में भी पार्टी इसी तरह शानदार प्रदर्शन दोहराएगी। जग्गी ने कहा कि रोस्टर जारी होना चुनावी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस इस बार भी जनता के भरोसे पर खरी उतरेगी और नगर निगम में अपनी पकड़ बनाए रखेगी। उन्होंने सभी पार्षदों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के समग्र विकास को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि धर्मशाला जैसे पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना बेहद जरूरी है। जग्गी ने कांग्रेस की कार्यशैली पर भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा विकास की राजनीति की है और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा है। इसी कारण लोगों का विश्वास लगातार कांग्रेस के साथ बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में भी नगर निगम में कांग्रेस का ही मेयर और डिप्टी मेयर चुना जाएगा। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी तैयारी में जुटने का आह्वान किया। अब देखना होगा कि आगामी चुनावों में जनता किसे अपना समर्थन देती है, लेकिन फिलहाल कांग्रेस का आत्मविश्वास मजबूत नजर आ रहा है।
धर्मशाला में गल्र्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज करने के प्रस्ताव को लेकर चर्चा तेज है। इस बीच कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और नगर निगम के पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी ने इस मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्री को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। जग्गी ने कहा कि बॉयज स्कूल का अस्तित्व करीब सौ साल पुराना है और यह सिर्फ एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि शहर की पहचान और लोगों की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बॉयज स्कूल को मर्ज किया जाता है, तो यह जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ होगा। इसलिए इस स्कूल को किसी भी सूरत में समाप्त या मर्ज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, उन्होंने यह भी मांग उठाई कि गल्र्स स्कूल को बॉयज स्कूल में मर्ज न किया जाए, ताकि उसकी अलग पहचान बरकरार रह सके। इस संदर्भ में उन्होंने प्रदेश सरकार को भी पत्र लिखा है। जग्गी ने सुझाव दिया कि बॉयज स्कूल को सीबीएसई के तहत संचालित किया जा सकता है, जबकि गर्ल स्कूल को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधीन ही रखा जाए। इससे दोनों संस्थानों की विशिष्टता बनी रहेगी और छात्रों को भी बेहतर विकल्प मिल सकेंगे। इस मामले में शिक्षा मंत्री ने जग्गी को आश्वस्त किया है कि सरकार जनता की भावनाओं का पूरा ध्यान रखेगी और कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या अंतिम फैसला लेती है।
बाइट : कांग्रेस नेता एवं पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी




















