सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। धर्मशाला में एंटी-चिट्टा वॉकथॉन के मंच पर मुख्यमंत्री सुख्विन्द्र सिंह सुख्खू ने “राधे-राधे” विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच से ‘राधे-राधे’ के नारे लगाकर विपक्ष को स्पष्ट संदेश दिया कि धार्मिक नारों पर राजनीति करना अब स्वीकार्य नहीं है। दो दिन पहले धर्मशाला स्टेडियम में बच्चों के ‘राधे-राधे’ कहने को लेकर सियासी माहौल गर्माया गया था। उस समय मुख्यमंत्री ने बस बच्चों से यह पूछा था कि वे यह नारा क्यों कह रहे हैं, लेकिन भाजपा ने इसे राजनीतिक मुद्दे में बदल दिया। सुख्खू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और इसलिए वे छोटी-छोटी घटनाओं को तूल देकर सुर्खियाँ बटोरने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा में गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने से कतराती है, लेकिन बाहर धार्मिक प्रतीकों और नारों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने में लगी रहती है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा की पूर्व सरकार ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को कमजोर किया, कीमती संपत्तियों को कम कीमत पर बेचा और नशे के खिलाफ चल रही महत्वपूर्ण मुहिम को भी राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा। मुख्यमंत्री ने मंच से स्पष्ट किया, “मैं किसी के घर खाना खाऊँ या किसी कार्यक्रम में जाऊँ, भाजपा राजनीति ढूंढ ही लेती है। जिनके पास मुद्दा नहीं होता, वे सनातन धर्म जैसे पवित्र विषय को भी राजनीति का साधन बना देते हैं। जो लोग धर्म को राजनीतिक रंग देते हैं, वे असली सनातनी हिंदू नहीं हो सकते।” वॉकथॉन में बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।




















