हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी, जिसे वासुदेव विनायक चतुर्थी और मनोरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, आज देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। भगवान गणेश को समर्पित यह पावन पर्व भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है, जिसमें विघ्नहर्ता की आराधना कर सुख, शांति और मनोवांछित फलों की प्राप्ति की कामना की जाती है।
दृक पंचांग की गणना के अनुसार, चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 21 मार्च की देर रात 11:56 बजे से हो गया था, जो आज 22 मार्च 2026 को रात 9:16 बजे तक व्याप्त रहेगी। सनातन परंपरा में उदया तिथि की प्रधानता होने के कारण आज के दिन ही व्रत और पूजन का विधान शास्त्र सम्मत माना गया है। आज मध्याह्न काल यानी दोपहर के समय गणेश पूजन का विशेष शुभ मुहूर्त बन रहा है, जिसमें श्रद्धालु गजानन को दूर्वा, लाल पुष्प और उनके प्रिय मोदक अर्पित कर विशेष आरती करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं और साधक के रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं।
















