धर्मशाला: केन्द्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल के संरक्षण में तीन दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण श्रृंखला का आयोजन शुरू हुआ। कुलपति ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य को जीवन में महत्व देने और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्तव्य
पहले दिन धर्मशाला स्थित जोनल अस्पताल की वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ज्योति शर्मा मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने बताया कि आज की तेज़ जिंदगी में मानसिक समस्याओं को छिपाने की बजाय उन्हें समय रहते स्वीकार करना और विशेषज्ञ से मदद लेना जरूरी है। उन्होंने छात्रों और युवाओं से नियमित आत्ममंथन करने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
विशेषज्ञों की बातें
- डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि सही स्वास्थ्य का मतलब है शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन।
- प्रो. अमित गंगोटिया ने कार्यक्रम के उद्देश्य और सत्रों की रूपरेखा बताई।
- प्रो. इंद्र सिंह ठाकुर ने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि नकारात्मक भावनाओं से व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाता।
सत्र और सहभागिता
इस श्रृंखला के सत्र 8 से 10 दिसंबर 2025 तक विश्वविद्यालय के धर्मशाला, शाहपुर और देहरा परिसरों में आयोजित होंगे। इसमें विशेषज्ञ संवाद, परामर्श सत्र और जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं। कार्यक्रम में कई शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी सक्रिय रूप से शामिल हुए और उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
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