सिद्धविनायक टाइम्स शिमला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आगामी वार्षिक परीक्षाओं के लिए नई रणनीति अपनाई है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्रों में कठिनाई का स्तर बढ़ाया जाएगा, ताकि केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि छात्रों की तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता की भी जाँच हो सके। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड को और अधिक सक्रिय किया जाएगा और परीक्षा कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा, पुलिस और प्रशासन के अनुभवी विशेषज्ञों ने अपनी राय दी।
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बैठक में परीक्षा संचालन, गोपनीयता, अनुशासन और निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. शर्मा ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और छात्र-हितैषी बनाना है। सदस्य राजेश जमवाल, कमलेश कुमारी, नवनीत शर्मा, ओपी कालश, आरपी चोपड़ा और डॉ. अशोक कुमार ने सुझाव साझा किए, जिनके आधार पर बोर्ड ने एक नई दिशा तय की। इस पहल के माध्यम से बोर्ड न केवल परीक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए रखने का प्रयास करेगा, बल्कि छात्रों की वास्तविक क्षमताओं को भी उजागर करेगा।
















