शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ शिमला में एक विशाल सर्वदलीय कैंडल मार्च का नेतृत्व किया और देश के युवाओं के लिए न्याय की आवाज उठाई। इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू होकर स्कैंडल प्वाइंट होते हुए रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचे इस मार्च में विभिन्न राजनीतिक दलों और आम जनता ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जहां मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुक्खू ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर संघर्ष कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की वकालत की। इसके साथ ही उन्होंने इस परीक्षा विवाद के मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की पुरजोर मांग की और पेपर लीक के मामलों को लेकर भाजपा सरकारों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला।
















