धर्मशाला: 28 मार्च, 2026केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई ऐतिहासिक कटौती का हिमाचल प्रदेश भाजपा ने जोरदार स्वागत किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनय शर्मा ने इस निर्णय को “जनता के लिए मोदी सरकार का बड़ा तोहफा” करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए जनहित ही सर्वोपरि है।
धर्मशाला में जारी एक अधिकारिक बयान में विनय शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर ₹10-10 प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कम करना एक साहसिक और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा कि इस फैसले के तहत पेट्रोल पर ड्यूटी को ₹13 से घटाकर मात्र ₹3 कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह ‘शून्य’ कर दिया गया है। शर्मा ने जोर देकर कहा कि डीजल पर ड्यूटी खत्म होने से सबसे बड़ी राहत देश के अन्नदाता किसानों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मिलेगी, जिससे न केवल माल ढुलाई सस्ती होगी बल्कि दैनिक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी गिरावट आएगी।
वैश्विक संकट के बीच आम आदमी को मिला सुरक्षा कवच
विनय शर्मा ने कहा, “आज जब पूरी दुनिया कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और वैश्विक आर्थिक दबाव से जूझ रही है, तब मोदी सरकार ने अपनी एक्साइज ड्यूटी कम कर देशवासियों को महंगाई से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान किया है।” उन्होंने इसे मध्यम वर्ग और गरीब जनता की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने वाली एक बड़ी आर्थिक राहत बताया।
विनय शर्मा ने कहा, “आज जब पूरी दुनिया कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों और वैश्विक आर्थिक दबाव से जूझ रही है, तब मोदी सरकार ने अपनी एक्साइज ड्यूटी कम कर देशवासियों को महंगाई से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान किया है।” उन्होंने इसे मध्यम वर्ग और गरीब जनता की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने वाली एक बड़ी आर्थिक राहत बताया।
सुक्खू सरकार से वैट (VAT) घटाने की पुरजोर मांग
केंद्र के इस बड़े कदम के बाद विनय शर्मा ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि केंद्र की तर्ज पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी प्रदेश में वैट (VAT)में तत्काल कटौती करनी चाहिए। शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रदेश सरकार वास्तव में जनता का भला चाहती है, तो उसे राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र के इस जनहितैषी निर्णय का अनुसरण करना चाहिए, ताकि हिमाचल की जनता को इस कटौती का अधिकतम लाभ मिल सके।
केंद्र के इस बड़े कदम के बाद विनय शर्मा ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि केंद्र की तर्ज पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी प्रदेश में वैट (VAT)में तत्काल कटौती करनी चाहिए। शर्मा ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रदेश सरकार वास्तव में जनता का भला चाहती है, तो उसे राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र के इस जनहितैषी निर्णय का अनुसरण करना चाहिए, ताकि हिमाचल की जनता को इस कटौती का अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने अंत में दोहराया कि भाजपा सरकार हमेशा निर्णायक और जन-कल्याणकारी फैसलों के लिए प्रतिबद्ध रही है और यह कटौती देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

















