धर्मशाला के प्रसिद्ध दाड़ी धुम्मू शाह मेले के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। उप मंडल अधिकारी (नागरिक) एवं मेला अधिकारी मोहित रत्न की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वर्ष 2026 का यह मेला 08 से 15 अप्रैल तक अत्यंत भव्य और आकर्षक रूप में आयोजित किया जाएगा। यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि कांगड़ा घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी है।
मेले के सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन द्वारा 12 विशेष उप-समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में ग्राउंड मैनेजमेंट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कानून एवं व्यवस्था, स्वच्छता, और छिंज (कुश्ती) आयोजन समिति जैसी प्रमुख टीमें शामिल हैं। एसडीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
मेले के दौरान मुख्य आकर्षण पारंपरिक छिंज (कुश्ती प्रतियोगिता) और रंगारंग सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। इसके अलावा, मंदिर समिति को धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना की व्यवस्थाओं को गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए भी पुलिस विभाग के साथ मिलकर एक विस्तृत प्लान तैयार किया जा रहा है, जिससे मेले के दौरान शहर की व्यवस्था बनी रहे।

















