मंडी (सचिन शर्मा) :- सुंदरनगर में राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेला-2026 का शुभारंभ सोमवार को जवाहर पार्क में पारंपरिक देवधुन के साथ भव्य रूप से हुआ। आस्था और संस्कृति के इस महाकुंभ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। जबकि उनके साथ पूर्व सीपीएस सोहनलाल ठाकुर भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरनगर की ऐतिहासिक शुकदेव वाटिका में देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद जवाहर पार्क तक भव्य जलेब निकाली गई, जिसमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। इस जलेब में देव श्री मूल माहूनाग, बड़ादेव कमरूनाग, देव महासु, देव बड़ेयोगी, देवी कामाक्षा जैदेवी सहित कई प्रमुख देवी-देवता शामिल हुए। खास बात यह रही कि लगभग 180 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देव नाग च्वासी सिद्ध की भी पावन उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक बना दिया।
इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए रघुवीर सिंह बाली ने कहा कि सुकेत की यह पावन धरती हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की जीवंत पहचान है। उन्होंने इस पारंपरिक मेले के सफल आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन और जनता को बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने में अहम भूमिका निभाते हैं।पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बाली ने मंडी जिला में अधूरे पड़े पर्यटन होटलों को लेकर पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एशियाई विकास बैंक (ADB) के तहत करोड़ों रुपये की लागत से कई होटल बनाए गए थे, लेकिन उचित प्रबंधन और स्पष्ट विजन के अभाव में वे पिछले पांच वर्षों से चालू नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि कई संपत्तियां मुकदमेबाजी में फंसी हुई थीं या अन्य विभागों को स्थानांतरित कर दी गई थीं, जिन्हें अब पर्यटन निगम द्वारा वापस लेकर पुनर्जीवित किया जा रहा है।
बाली ने कहा कि उनके कार्यकाल में पर्यटन निगम का टर्नओवर 78 करोड़ रुपये से बढ़कर 110 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के पुराने और ऐतिहासिक होटलों के नवीनीकरण के लिए इस वर्ष के बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मंडी के ‘शिव धाम’ को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि 33 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है और कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल प्रचार नहीं, बल्कि धरातल पर काम करना है।



















