सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को भराड़ी स्थित पीएम मुख्यमन्त्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित वार्षिक क्लस्टर समारोह में कहा कि बच्चों की प्रतिभा को दिशा देने में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि कक्षा-कक्षाओं में गतिविधि-आधारित पढ़ाई, रचनात्मक अभ्यास और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समारोह में भराड़ी क्षेत्र के 23 स्कूलों से 1100 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को जीवंत बनाया। मंत्री धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में भी प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अंग्रेजी माध्यम शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने जानकारी दी कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में चार नए सीबीएसई पैटर्न स्कूलों को मान्यता मिल रही है तथा हटवाड़ में बनने वाले राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए भूमि भी विभाग को सौंप दी गई है।
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मंत्री ने कहा कि क्लस्टर स्तर के ऐसे कार्यक्रम छोटे बच्चों में आत्मविश्वास, सामाजिक सहभागिता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को विकसित करते हैं। मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों में अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ती है और शिक्षक व अभिभावक दोनों ही बच्चों की विशेष प्रतिभाओं को पहचान पाते हैं। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इससे पूर्व विद्यालय के प्रधानाचार्य जय चंद हीर ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समारोह में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के अध्यापक, अभिभावक, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति तथा कोऑपरेटिव बैंक के निदेशक जगदीश शर्मा उपस्थित रहे।





















