सिधिविनायक टाइम्स: शिमला। विधानसभा सत्र के आठवें और अंतिम दिन आज सदन का माहौल नशे के बढ़ते खतरे पर केंद्रित रहा। भाजपा विधायक दल ने “चिट्टा मुक्त हिमाचल—एक नया हिमाचल” का संदेश देते हुए विशेष जर्सी पहनकर सदन में प्रवेश किया और प्रदेश में फैल रहे चिट्टा नेटवर्क पर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि नशा धीरे–धीरे युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है, इसलिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर पूरे प्रदेश में जागरूकता बढ़ाने और संगठित अभियान चलाने की आवश्यकता है।
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भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार चिट्टा माफिया को रोकने में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रही है, जिसके चलते यह नेटवर्क गाँव-कस्बों तक फैलता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पुलिस और विशेष जांच एजेंसियों की कार्रवाई को और तेज़ किया जाए, युवाओं के लिए पुनर्वास और काउंसलिंग की व्यवस्था मजबूत हो, और नशा तस्करी पर नकेल कसने के लिए कठोरतम कानूनी प्रावधान लागू किए जाएँ। सदन में उठी यह बहस एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि हिमाचल में नशे के खिलाफ लड़ाई अब पूरे समाज की प्राथमिकता बन चुकी है।





















