बिलासपुर | 20 मार्च, 2026 ब्यूरो रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक जिला बिलासपुर में ‘राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026’ के उपलक्ष्य में आज से पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता का विधिवत आगाज हो गया। लुहणू मैदान के अखाड़े में ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘धमाल’ के बीच पहलवानों ने अपने दांव-पेंच दिखाने शुरू कर दिए हैं।
SP संदीप धवल ने किया प्रतियोगिता का शुभारंभ
शुभारंभ समारोह में पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर, संदीप धवल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने परंपरा के अनुसार अखाड़ा पूजन किया और झंडी दिखाकर कुश्ती मुकाबलों की शुरुआत की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी और आयोजन समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
शुभारंभ समारोह में पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर, संदीप धवल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने परंपरा के अनुसार अखाड़ा पूजन किया और झंडी दिखाकर कुश्ती मुकाबलों की शुरुआत की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी और आयोजन समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
युवाओं के लिए प्रेरणा है कुश्ती: मुख्य अतिथि
खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए एसपी संदीप धवल ने कहा, “कुश्ती हमारी मिट्टी से जुड़ा खेल है, जो न केवल शारीरिक सुदृढ़ता देता है बल्कि युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास भी पैदा करता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना आज के समय की मांग है ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहे।
खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए एसपी संदीप धवल ने कहा, “कुश्ती हमारी मिट्टी से जुड़ा खेल है, जो न केवल शारीरिक सुदृढ़ता देता है बल्कि युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास भी पैदा करता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना आज के समय की मांग है ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहे।
चार दिनों तक सजेगा दंगल, 23 मार्च को होगा महामुकाबला
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रतियोगिता अगले चार दिनों तक चलेगी। इसमें उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए नामी पहलवान अलग-अलग भार वर्गों में अपना दमखम दिखाएंगे। खेल प्रेमियों की निगाहें 23 मार्च पर टिकी हैं, जब इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे और विजेताओं को ‘नलवाड़ी केसरी’ जैसे प्रतिष्ठित खिताबों से नवाजा जाएगा।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रतियोगिता अगले चार दिनों तक चलेगी। इसमें उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आए नामी पहलवान अलग-अलग भार वर्गों में अपना दमखम दिखाएंगे। खेल प्रेमियों की निगाहें 23 मार्च पर टिकी हैं, जब इस प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले आयोजित किए जाएंगे और विजेताओं को ‘नलवाड़ी केसरी’ जैसे प्रतिष्ठित खिताबों से नवाजा जाएगा।
दर्शकों का उमड़ा जनसैलाब
मेले के पहले ही दिन कुश्ती प्रेमियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। अखाड़े के चारों ओर हजारों की संख्या में लोग अपने पसंदीदा पहलवानों का उत्साहवर्धन करते नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी पुख्ता की गई है
मेले के पहले ही दिन कुश्ती प्रेमियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। अखाड़े के चारों ओर हजारों की संख्या में लोग अपने पसंदीदा पहलवानों का उत्साहवर्धन करते नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी पुख्ता की गई है

















