धर्मशाला, शशि भूषण। धर्मशाला में आयोजित रिटायर कर्मचारियों के सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने पेंशनरों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। ठाकुर ने कहा कि पेंशन कोई एहसान नहीं, बल्कि कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिलना सुनिश्चित होना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने पेंशनरों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पेंशन अदालतों, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, फेस ऑथेंटिकेशन और डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जैसी सुविधाओं से बुजुर्ग पेंशनरों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि भविष्य पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्ति के समय ही पेंशन पेमेंट ऑर्डर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित भुगतान को लेकर सवाल उठाए। ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों, पेंशनरों और युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है और प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।
वहीं, वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के प्रस्ताव पर भी अनुराग ठाकुर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के इस कदम से राष्ट्रीय गीत के सम्मान और महत्व को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
ठाकुर ने दोहराया कि पेंशन राष्ट्र सेवा के बाद मिलने वाला अधिकार है और प्रत्येक कर्मचारी को समय पर पेंशन मिले, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उसके जीवन-यापन में किसी तरह की परेशानी न हो। सम्मेलन के दौरान उन्होंने पेंशनरों को उनकी मांगों के समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
















