हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान करसोग के युवा विधायक दीपराज ठाकुर एक आक्रामक तेवर में नजर आए, जिसे सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में ‘करसोग के शेर की दहाड़’ के रूप में देखा जा रहा है। सदन की कार्यवाही के दौरान विधायक दीपराज ठाकुर ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को निशाने पर लिया और उनके नेतृत्व वाली सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘काल्पनिक दुनिया का नायक’ करार देते हुए तंज कसा कि सुक्खू सरकार का बजट धरातल की हकीकत से कोसों दूर केवल ‘बातों का पिटारा’ मात्र है, जिसमें आम जनता और करसोग जैसे क्षेत्रों के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।
विधायक ने सदन में मुख्यमंत्री के ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के नारे की जमकर धज्जियां उड़ाईं और कहा कि प्रदेश विकास के बजाय कर्ज और घोषणाओं के बोझ तले दब रहा है। उन्होंने भावुक और आक्रामक लहजे में करसोग की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए इस सरकार को ‘दुख की सरकार’ की संज्ञा दी। दीपराज ठाकुर ने पूछा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच आखिर करसोग का हक कहां है और वहां की जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों तरसना पड़ रहा है? उनके इन तीखे कटाक्षों और तर्कों के सामने सत्ता पक्ष पूरी तरह रक्षात्मक मुद्रा में नजर आया। विधायक के इस प्रहार ने यह स्पष्ट कर दिया कि विपक्ष अब सरकार के विकास के दावों की पोल खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है।


















