लोकेशन : धर्मशाला,रिपोटर : शशि भूषण :-धर्मशाला के मैक्लोडगंज से शुरू हुआ यह ‘ब्लैक हैट मार्च’ दिल्ली तक जाएगा। करीब 25 दिन तक चलने वाली इस पदयात्रा में दर्जनों तिब्बती कार्यकर्ता शामिल हैं, जो तिब्बत में मानवाधिकार और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दों को उठा रहे हैं।
मार्च के आयोजकों का कहना है कि यह विरोध चीन की नीतियों के खिलाफ है।उनका आरोप है कि तिब्बती भाषा, संस्कृति और धर्म पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और नई पीढ़ी की पहचान को प्रभावित किया जा रहा है।
यह मार्च 31 मार्च की तारीख से जुड़ा है, जब 1959 में Tenzin Gyatso भारत पहुंचे थे।
मार्च 25 अप्रैल को दिल्ली में समाप्त होगा, जहां संयुक्त राष्ट्र कार्यालय तक संदेश पहुंचाने की योजना है।
धर्मशाला से शुरू हुआ यह ब्लैक हैट मार्च अब दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। तिब्बती समुदाय इसे अपनी पहचान और अधिकारों की लड़ाई के रूप में देख रहा है। आने वाले दिनों में यह मार्च कई राज्यों से गुजरते हुए राजधानी पहुंचेगा।
वहीं, इस मार्च के जरिए तिब्बती समुदाय एक बार फिर अपने मुद्दों को वैश्विक मंच पर उठाने की कोशिश कर रहा है।



















